Upper circuit : इस कंपनी का शेयर एनएसई पर लगभग 0.86–0.90 रुपये के दायरे में ट्रेड हो रहा है, जहां 17–18 दिसंबर 2025 के आसपास इसका ऊपरी सर्किट लगभग 0.90 रुपये पर लगा दिखा है। एनएसई पर इस शेयर की रोज़ाना 5% की सर्किट लिमिट तय है, यानी एक दिन में अधिकतम लगभग 0.82 से 0.90 रुपये के बीच ऊपर–नीचे की मूवमेंट की अनुमति होती है। हाल के सत्रों में तेज खरीदारी के कारण यह शेयर कई बार ऊपरी सर्किट के पास ट्रेड होता दिखा है, जिससे इसमें रुचि और बढ़ी है।
एक महीने में ज़बरदस्त रिटर्न
मोतीलाल ओसवाल के डेटा के अनुसार Auri Grow India Ltd ने पिछले एक महीने में लगभग 64.71% का रिटर्न दिया है, जबकि एक हफ्ते में यह करीब 37.70% चढ़ा है। वहीं तीन महीने में रिटर्न लगभग 47.37% रहा है, जो बताता है कि छोटे समय में शेयर ने लगातार ऊपर की ओर रुख बनाए रखा है। दिलचस्प बात यह है कि एक साल के आधार पर अब भी यह शेयर करीब 31.71% नीचे है, यानी ताज़ा तेजी एक बड़े गिरावट वाले दौर के बाद आई है।
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Upper circuit लगने की वजह और वॉल्यूम
मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक 17 दिसंबर 2025 को Auri Grow India Ltd के शेयर में इतनी खरीदारी आई कि यह 5% के ऊपरी सर्किट तक पहुंच गया और लगभग 0.87 रुपये के स्तर पर फ्रीज़ हो गया। उस दिन शेयर का दायरा 0.86 से 0.87 रुपये के बीच ही सीमित रहा, क्योंकि ऊपरी सर्किट लगने के बाद नियमानुसार उससे ऊपर ट्रेडिंग की अनुमति नहीं थी। ऊपरी सर्किट पर भी भारी संख्या में खरीद ऑर्डर लंबित रह गए, जिससे अगले सत्रों में भी तेज़ी की उम्मीद को और हवा मिली।
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कंपनी का कारोबार और वैल्यूएशन
Auri Grow India Ltd पहले Godha Cabcon & Insulation Ltd के नाम से जानी जाती थी और यह मुख्य रूप से ACSR कंडक्टर तथा एल्यूमिनियम आधारित कंडक्टर और केबल बनाती है, जिनका इस्तेमाल ओवरहेड बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों में होता है। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग यूनिट मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित है और यह इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की एक माइक्रो-कैप कंपनी की कैटेगरी में आती है। दिसंबर 2025 के मध्य तक कंपनी का मार्केट कैप लगभग 122.53 करोड़ रुपये के आस-पास दर्ज किया गया है, जो कम प्राइस के बावजूद बड़े इक्विटी बेस को दिखाता है।
लंबी अवधि का प्रदर्शन और अहम संकेत
लंबी अवधि के डेटा से पता चलता है कि शेयर ने पिछले पांच सालों में मुनाफे में तेज़ ग्रोथ दिखाई है, जहां कंपनी का प्रॉफिट ग्रोथ लगभग 74.8% CAGR के करीब दर्ज किया गया है, हालांकि शेयर प्राइस में उतार–चढ़ाव बना रहा। शेयर अभी अपनी बुक वैल्यू के करीब 0.81 गुना पर ट्रेड कर रहा था, जिससे वैल्यूएशन के लिहाज से यह लो प्राइस वैल्यू जोन में माना जा रहा है। इसके बावजूद एक साल का कमजोर रिटर्न और माइक्रो-कैप कैटेगरी होने के कारण इसमें वोलैटिलिटी और रिस्क दोनों ज्यादा दिखाई देते हैं, और हाल की तेज़ी मुख्य रूप से शॉर्ट-टर्म मोमेंटम और ऊपरी सर्किट पर टिके डिमांड से जुड़ी मानी जा रही है।
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।







