Tata Group की कंपनी टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी (TPREL) ने आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में 10 गीगावाट क्षमता वाला इनगॉट और वेफर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का ऐलान किया है, जिस पर करीब 6675 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यह देश का अब तक का सबसे बड़ा इनगॉट और वेफर प्लांट होगा, जो सोलर और सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में भारत की स्थिति को मजबूत कर सकता है।
कहां लगेगा प्लांट और क्या बनेगा
यह ग्रीनफील्ड प्लांट आंध्र प्रदेश के नेल्लोर स्थित इफको किसान स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) में लगाया जाएगा, जहां राज्य सरकार ने कुल 200 एकड़ जमीन अलॉट की है। कंपनी फिलहाल 120 एकड़ में प्रोजेक्ट शुरू करेगी और बाकी 80 एकड़ भविष्य के एक्सपेंशन के लिए रखी जाएगी। इस फैक्ट्री में इनगॉट और वेफर तैयार किए जाएंगे, जो सेमीकंडक्टर चिप, सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल बनाने में इस्तेमाल होने वाला बेहद जरूरी कच्चा माल है।
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चीन पर निर्भरता घटाने की बड़ी चाल
केंद्र सरकार पहले से ही सोलर और सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट में ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) और अन्य नीतियों के जरिए घरेलू उत्पादन बढ़ा रही है। इस प्लांट के जरिए सोलर वैल्यू चेन में इनगॉट और वेफर जैसे अहम कॉम्पोनेंट के लिए चीन पर भारत की निर्भरता कम करने का लक्ष्य है, क्योंकि अभी ज्यादातर इंपोर्ट इन्हीं से होता है। नेल्लोर पहले ही सोलर मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है, जहां प्रीमियर एनर्जीज, वेबसोल और अन्य कंपनियां भी प्रोजेक्ट लगा रही हैं।
रोजगार और ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर
कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोजेक्ट से सीधे तौर पर लगभग 1000 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है, जबकि अप्रत्यक्ष रोजगार इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। आंध्र प्रदेश सरकार TPREL को इस प्लांट के लिए 200 मेगावाट का कैप्टिव ग्रीन पावर प्लांट लगाने के लिए भी जमीन देगी, जिससे पूरी फैक्ट्री को रिन्यूएबल सोर्स से बिजली सप्लाई की जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट कनेक्टिविटी और ग्रीन एनर्जी की आसान उपलब्धता ही इस बड़े निवेश को आकर्षित करने की मुख्य वजह रही।
LIC की खरीद और टाटा पावर में बढ़ता निवेश
इसी थीम पर लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) भी टाटा पावर में अपनी हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ा रहा है और दिसंबर 2025 तक कंपनी में उसकी होल्डिंग 5.009% तक पहुंच गई, जो 16 करोड़ से ज्यादा शेयर के बराबर है। LIC ने हाल में मार्केट परचेज के जरिए अतिरिक्त 4.5 लाख शेयर खरीदे, जिससे उसकी हिस्सेदारी 4.995% से ऊपर जाकर 5% के स्तर के पार निकल गई। टाटा पावर खुद भी रिन्यूएबल बिजनेस पर फोकस बढ़ाते हुए FY 2025 और आगे के वर्षों में कैपेक्स में तेजी से इजाफा कर रही है, जिसमें सोलर मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स प्रमुख हैं।
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