TATA Group का जापान से सेमीकंडक्टर के लिए बहुत बड़ी डील ! शेयर पर सीधा असर, कमाई मौका..

Tata Group की कंपनी ने जापान की सेमीकंडक्टर कंपनी ROHM Co. Ltd. के साथ ऑटोमोटिव पावर चिप्स के मैन्युफैक्चरिंग के लिए बड़ा स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप करार किया है, जिसका सीधा असर भारत के सेमीकंडक्टर मिशन और संबंधित टाटा शेयरों की लंबी अवधि की स्टोरी पर देखा जा रहा है। यह डील घरेलू और ग्लोबल, दोनों मार्केट के लिए ऑटो सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली एडवांस पावर सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को भारत में ही मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

Tata–ROHM सेमीकंडक्टर डील क्या है

ROHM और Tata Electronics ने ऐसा पार्टनरशिप मॉडल बनाया है, जिसमें चिप डिजाइन जापान की ROHM की होगी और उसका असेंबली व टेस्टिंग भारत में Tata Electronics की यूनिट करेगी। शुरुआती चरण में Tata Electronics, ROHM की इंडिया‑डिजाइन्ड ऑटोमोटिव‑ग्रेड N‑channel 100V, 300A सिलिकॉन MOSFET को हाई‑एफिशिएंसी TOLL पैकेज में असेंबल और टेस्ट करेगी, जो खास तौर पर इलेक्ट्रिक वाहनों और मॉडर्न कारों के पावर मैनेजमेंट सिस्टम में उपयोग होने वाले कंपोनेंट हैं।

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भारत में मैन्युफैक्चरिंग और निवेश का आकार

इस पार्टनरशिप के साथ Tata Electronics जिस सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को खड़ा कर रही है, उसमें असम के जगिरोड में बन रहा ATMP (Assembly, Testing, Marking and Packaging) प्लांट भी शामिल है, जिस पर लगभग 27,000 करोड़ रुपये का निवेश मंजूर किया गया है और जहां 27,000 से ज्यादा डायरेक्ट और इंडायरेक्ट नौकरियां बनने का अनुमान है। साथ ही गुजरात के धोलेरा में बनने वाली 91,000 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर फैब और ताइवानी कंपनी PSMC के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर एग्रीमेंट से Tata Group हर साल अरबों चिप्स बनाने की क्षमता की तरफ बढ़ रहा है, जिससे ऑटो, मोबाइल और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स की बड़ी डिमांड लोकल स्तर पर पूरी की जा सकेगी।

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ऑटो सेक्टर और सेमीकंडक्टर सप्लाई पर असर

ऑटोमोबाइल और खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में पावर सेमीकंडक्टर चिप्स की भारी डिमांड रहती है और अब तक भारत को इन चिप्स के लिए बड़ी मात्रा में आयात पर निर्भर रहना पड़ता था। Tata Electronics–ROHM पार्टनरशिप के बाद भारत में ही ऑटोमोटिव‑ग्रेड पावर MOSFET की असेंबली और टेस्टिंग शुरू होने से घरेलू ऑटो कंपनियों के लिए सप्लाई चेन ज्यादा भरोसेमंद और कॉस्ट‑इफिशिएंट हो सकती है, साथ ही ग्लोबल ऑटो मेकर्स के लिए भी भारत एक एक्सपोर्ट बेस के रूप में उभर सकता

TATA Group के सेमीकंडक्टर शेयरों पर नजर

Tata Group की लिस्टेड कंपनियों में सीधे सेमीकंडक्टर थीम से जुड़ी कंपनियों में Tata Elxsi, TCS और HCLTech जैसी IT कंपनियां चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग सर्विसेज के जरिए फायदा उठा सकती हैं, जिन्हें 2025 के लिए भारत के टॉप सेमीकंडक्टर‑थीम स्टॉक्स की लिस्ट में शामिल किया गया है। साथ ही Tata Electronics पर हो रहा 4,500 करोड़ रुपये से अधिक का कैपिटल इन्फ्यूजन और Dholera व Assam प्रोजेक्ट पर कुल 1.18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश, पूरे टाटा ग्रुप के लिए लंबी अवधि में चिप बिजनेस को नया रेवेन्यू पिलर बनाने की दिशा दिखाता है, जिस पर मार्केट की नजर बनी हुई है।

Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।

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