TATA Group की दिग्गज कंपनी ने भारत में अपनी स्टील उत्पादन क्षमता को करीब 50% तक बढ़ाने की बड़ी योजना रखी है। अभी कंपनी की भारत में सालाना क्रूड स्टील क्षमता करीब 2.6 करोड़ टन (26.6 मिलियन टन) है और मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि 2030 तक भारतीय ऑपरेशंस की क्षमता 40 मिलियन टन के आसपास तक पहुंचाई जाए। इस एक्सपेंशन से कंपनी देश की तेजी से बढ़ती स्टील मांग का बड़ा हिस्सा कैप्चर कर सकेगी और मार्केट शेयर और मजबूत हो सकता है
Tata Steel NINL में 4.8 MTPA नई क्षमता
Tata Steel ने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) में करीब 48 लाख टन सालाना यानी 4.8 MTPA की नई क्षमता लगाने के लिए इन-प्रिंसिपल अप्रूवल हासिल कर लिया है। इस एक्सपेंशन के बाद NINL की कुल क्षमता लगभग 60 लाख टन सालाना तक पहुंच सकती है, जो कंपनी के लॉन्ग प्रोडक्ट्स पोर्टफोलियो को काफी मजबूत करेगी। ब्रोकरेज रिपोर्टों के मुताबिक यह नई क्षमता FY29 के आसपास से कमर्शियल प्रोडक्शन देना शुरू कर सकती है, जिससे उस समय तक बढ़ती डोमेस्टिक मांग का फायदा सीधे टाटा स्टील को मिलेगा।
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कच्चे माल की सप्लाई के लिए Thriveni और Lloyds Metals की पार्टनरशिप
स्टील बिजनेस की सबसे बड़ी चिंता कच्चे माल, खासकर लौह अयस्क की लगातार और सस्ती सप्लाई होती है, जिसे लेकर Tata Steel पहले से तैयारी कर रही है। कंपनी की कई आयरन ओअर माइंस के लीज FY30 के आसपास खत्म होने वाले हैं, इसलिए Tata Steel ने थ्रिवेणी पेललेट्स में हिस्सेदारी खरीदी है और लॉयड्स मेटल्स के साथ पार्टनरशिप की है, जो महाराष्ट्र के सुरजगढ़ में देश की सबसे बड़ी सिंगल आयरन ओअर खान चलाती है। पर्यावरणीय मंजूरी के बाद यह खान हर साल लगभग 2.6 करोड़ टन तक लौह अयस्क उत्पादन कर सकती है, जिससे लंबे समय तक टाटा स्टील को स्थिर और रिलेटिवली लो-कॉस्ट कच्चे माल की सप्लाई मिलती रह सकती है।
ऑपरेशन परफॉर्मेंस और फाइनैंशियल स्ट्रेंथ
FY26 की दूसरी तिमाही में Tata Steel के भारत बिजनेस ने 5.67 मिलियन टन क्रूड स्टील प्रोड्यूस किया, जो साल-दर-साल करीब 7% ज्यादा है और हाफ इयर बेसिस पर 10.9 मिलियन टन प्रोडक्शन दर्ज हुआ। कंपनी का कंसॉलिडेटेड EBITDA सितंबर 2025 खत्म हाफ इयर में लगभग 16,585 करोड़ रुपये रहा, जो दिखाता है कि भारी कैपेक्स के बावजूद कैश फ्लो और बैलेंस शीट मैनेजमेंट मजबूत है। एनालिस्ट्स का मानना है कि NINL और दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी ज्यादातर कैपेक्स इंटरनल एक्रूअल से ही मैनेज किया जाएगा, जिससे डेट लेवल कंट्रोल में रह सकता है।
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Tata Steel शेयर प्राइस पर अब तक का असर
इस एक्सपेंशन स्टोरी और मजबूत डिमांड आउटलुक की वजह से 2025 में टाटा स्टील के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टॉक इस कैलेंडर साल में अब तक लगभग 25.79% तक रिटर्न दे चुका है और 12 दिसंबर 2025 को बीएसई पर करीब 172 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था। सिर्फ पिछले छह महीने में भी शेयर ने डबल-डिजिट करीब 13% का गेन दिया है, जबकि हाल के दिनों में NINL कैपेसिटी अप्रूवल की खबर के बाद एक ही सत्र में स्टॉक में 3% से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई।
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