Suzlon का बड़ा धमाल: अडानी को चुनौती, शेयर 2X हो सकते हैं अगले 6 महीने में!

Suzlon : 23 जनवरी 2026 को Suzlon Energy का शेयर प्राइस करीब 45.7 रुपये के आसपास रहा, जबकि कंपनी का मार्केट कैप लगभग 62,395 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। जनवरी 2026 के ट्रेडिंग डेटा के अनुसार स्टॉक हाल के दिनों में 45–50 रुपये के दायरे में घूमता दिखा, जिसमें 50 रुपये के ऊपर से हल्की गिरावट देखी गई है। यह रैली पिछले कुछ सालों की तेज रिकवरी और कंपनी के कर्ज कम करने, साथ ही रिन्यूएबल थीम पर निवेशकों की मजबूत रुचि के कारण मानी जा रही है।

Suzlon 2.0: मजबूत ऑर्डर बुक और ग्रोथ प्लान

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दिसंबर 2025 तक Suzlon की ऑर्डर बुक रिकॉर्ड हाई 6.2 गीगावॉट तक पहुंच गई, जो मार्च 2025 के 5.6 गीगावॉट के स्तर से ज्यादा है और आने वाले सालों की रेवेन्यू विजिबिलिटी को मजबूत बनाती है। कंपनी खास तौर पर अपने नए S144 प्लेटफॉर्म टरबाइन पर फोकस कर रही है, जिससे हाई PLF और बेहतर मार्जिन की उम्मीद की जा रही है। मैनेजमेंट ने FY24 और FY25 के बीच ग्रोथ को दोगुना करने के बाद FY26 में भी करीब 60% अतिरिक्त ग्रोथ का इंटरनल गाइडेंस रखा है, जिसके लिए 23+ गीगावॉट संभावित साइट्स में से 10+ गीगावॉट पर लैंड डेवलपमेंट चल रहा है

EPC बिजनेस और सेक्टर पॉजिटिविटी

Suzlon अपना EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) बिजनेस बढ़ाकर FY28 तक ऑर्डर बुक का लगभग 50% तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है, ताकि जमीन अधिग्रहण जैसी देरी को खुद मैनेज कर सके और प्रोजेक्ट टाइमलाइन पर कंट्रोल रख सके। कंपनी की ऑर्डर बुक का लगभग 65% हिस्सा अभी कमर्शियल–इंडस्ट्रियल और PSU क्लाइंट्स से आता है, जबकि करीब 35% सरकारी ऑक्शन्स से, जो डिमांड बेस को विविध बनाता है। सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने वाली नीतियां, जैसे GST में राहत, इम्पोर्ट मॉनिटरिंग और ALMM जैसी स्कीमें, विंड और सोलर दोनों के लिए पॉजिटिव माहौल तैयार कर रही हैं

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Adani Green जैसी कंपनियों को कैसे चुनौती?

Adani Green Energy की ऑपरेशनल रिन्यूएबल क्षमता जून 2025 तक लगभग 15,539.9 मेगावॉट (करीब 15.5 गीगावॉट) तक पहुंच चुकी है और कंपनी 2030 तक 50 गीगावॉट का लक्ष्य रखती है, जिसमें खवड़ा, कच्छ का मेगा प्रोजेक्ट अहम है। Suzlon फिलहाल इतनी बड़ी इनस्टॉल्ड कैपेसिटी ऑपरेट नहीं करती, लेकिन विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरिंग, EPC और डेवलपर–सर्विस प्रोवाइडर की कॉम्बिनेशन रोल के जरिए यह पूरे रिन्यूएबल वैल्यू चेन में अपना प्रभाव बढ़ा रही है। मजबूत ऑर्डर बुक, कैपेसिटी एक्सपेंशन और सेक्टर में हाई डिमांड की वजह से बाजार में यह चर्चा है कि अगर एक्सिक्यूशन सही रहा तो आने वाले 6–12 महीनों में Suzlon का बिजनेस स्केल कई गुना बढ़ सकता है, हालांकि किसी भी तरह का प्राइस टारगेट या 2X रिटर्न केवल अनुमान पर आधारित मार्केट चर्चा मानी जानी चाहिए, न कि गारंटी

Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।

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