भारत का Semiconductor बाजार 2030 तक करीब 10 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें सप्लाई चेन से जुड़ी केमिकल और गैस कंपनियां अहम भूमिका निभा रही हैं। Acutaas Chemicals, Archean Chemicals और Stallion India इस नई ग्रोथ स्टोरी की प्रमुख भारतीय कंपनियां बनकर उभर रही हैं
भारत का Semiconductor सपना 2030
सरकारी और इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2030 तक लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच सकता है, क्योंकि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी, डेटा सेंटर और डिफेंस की मांग तेजी से बढ़ रही है। अब फोकस केवल चिप फैब पर नहीं बल्कि उन हाई प्योरिटी केमिकल्स, गैस और प्रोसेस मटीरियल पर है जिनके बिना सेमीकंडक्टर बन ही नहीं सकते
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सप्लाई चेन का महत्व
सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में फैब प्लांट सिर्फ आखिरी स्टेप होता है, उससे पहले सैकड़ों प्रोसेस में स्पेशलिटी केमिकल, सिलिकॉन कार्बाइड, ब्रोमीन, इंडस्ट्रियल सॉल्ट और हीलियम जैसी गैसों की जरूरत पड़ती है। चीन पर निर्भरता घटाने और “चिप्स की आत्मनिर्भरता” के लक्ष्य के कारण भारत में लोकल सप्लायर्स के लिए बड़ा मौका बन रहा है, जिसे ये तीनों कंपनियां पकड़ने की कोशिश कर रही हैं
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Acutaas Chemicals (पूर्व Ami Organics)
Acutaas Chemicals देश की चुनिंदा कंपनियों में है जो सेमीकंडक्टर ग्रेड फोटोरेजिस्ट केमिकल बनाती है, जो चिप पैटर्निंग की कोर जरूरत मानी जाती है। वित्त वर्ष 2025–26 की पहली छमाही में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 21 फीसदी बढ़कर 513.4 करोड़ रुपये, EBITDA 86 फीसदी बढ़कर 146.2 करोड़ रुपये और PAT 122 फीसदी उछलकर 115.9 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि EBITDA मार्जिन 900 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 28 फीसदी हो गया
Archean Chemicals का सिलिकॉन कार्बाइड कदम
Archean Chemicals अभी तक ब्रोमीन और इंडस्ट्रियल सॉल्ट के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब यह ओडिशा में देश का पहला कमर्शियल सिलिकॉन कार्बाइड फैब्रिकेशन प्लांट लगा रही है जिसका उपयोग ईवी, डिफेंस, रेलवे, डेटा सेंटर और रिन्यूएबल एनर्जी में होगा। 2025–26 की पहली छमाही में कंपनी का EBITDA लगभग स्थिर रहकर 171.8 करोड़ रुपये रहा, मार्जिन 390 बेसिस प्वाइंट घटकर 32.8 फीसदी पर आया और प्रॉफिट बिफोर टैक्स 9.1 फीसदी गिरकर 122.6 करोड़ रुपये रहा, जबकि शेयर ने पिछले 5 साल में लगभग 14 फीसदी रिटर्न दिया है।
Stallion India की गैस सेगमेंट में रफ्तार
Stallion India रेफ्रिजरेंट और इंडस्ट्रियल गैस प्रोसेसिंग व सप्लाई करने वाली कंपनी है जो अब सेमीकंडक्टर ग्रेड गैस, खासकर हीलियम जैसी क्रिटिकल गैस पर फोकस बढ़ा रही है। वित्त वर्ष 2025–26 की पहली छमाही में इसका रेवेन्यू 52.8 फीसदी बढ़कर 216.3 करोड़ रुपये, EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर 30 करोड़ रुपये और PAT 135 फीसदी उछलकर 21.8 करोड़ रुपये हो गया, साथ ही EBITDA मार्जिन 326 बेसिस प्वाइंट सुधरकर 13.9 फीसदी पर पहुंच गया।
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।







