RVNL सीधे रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे नई लाइन, डबलिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन और बड़े निर्माण कार्यों से कमाई करता है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेलवे का कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर करीब 2.65 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है, जिसमें नई लाइनों के लिए ही 32,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान है, जिससे RVNL जैसी EPC कंपनियों को लगातार प्रोजेक्ट्स मिलने की संभावना बढ़ती है। नवंबर 2025 के आसपास RVNL का मार्केट कैप लगभग 66,000 करोड़ रुपये के ऊपर था और कंपनी पर कर्ज का स्तर सीमित है, जो बड़े पैमाने पर चल रहे प्रोजेक्ट्स के बावजूद बैलेंस शीट को संभला हुआ दिखाता है।
RVNL का हाल का शेयर रिटर्न और चुनौतियां
2023 और 2024 में RVNL ने 100% से ज्यादा मल्टीबैगर रिटर्न दिए, लेकिन 2025 में शेयर प्राइस लगभग 18 फीसदी साल-दर-साल गिरा, जिसकी बड़ी वजह कमजोर नतीजे, ऑर्डर फ्लो की सुस्ती और मार्जिन पर दबाव मानी गई। इसके बावजूद प्री–बजट रैली और रेलवे कैपेक्स की उम्मीदों ने साल के अंत में शेयर में फिर से तेजी की शुरुआत कर दी, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी दोबारा बढ़ी। फाइनेंशियल डेटा के हिसाब से कंपनी की पिछले कुछ सालों की प्रॉफिट ग्रोथ और रिटर्न ऑन इक्विटी अभी भी डीसेंट माने जा रहे हैं, लेकिन वैल्यूएशन पहले की तुलना में ज्यादा संवेदनशील हो चुका है।
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IRCTC: एसेट–लाइट, सर्विस बेस्ड मॉडल
Indian Railway Catering & Tourism Corporation की कमाई टिकट बुकिंग, कैटरिंग, पैसेंजर सर्विसेज और टूरिज्म पैकेज से होती है, यानी इसका मॉडल एसेट–लाइट और हाई मार्जिन वाला है। 2019 के IPO के बाद से 2025 तक IRCTC के शेयर ने लंबी अवधि में 300 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है, जबकि हाल के दो सालों में वोलैटिलिटी और गिरावट भी देखी गई है। 2025 में शेयर परफॉर्मेंस लगभग –15 फीसदी के आसपास रही, लेकिन पांच साल का CAGR करीब 20 फीसदी से ऊपर बना हुआ है, जो लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी को सपोर्ट करता है।
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बजट 2026 से IRCTC को संभावित फायदा
रेलवे बजट में वींदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, बुलेट ट्रेन और पैसेंजर एक्सपीरियंस पर ज्यादा खर्च की योजना है, जिससे यात्रियों की संख्या और प्रीमियम सर्विसेज दोनों बढ़ने की संभावना बनती है। यात्रा और पर्यटन सेक्टर की रिकवरी के साथ IRCTC के ऑनलाइन टिकटिंग, कैटरिंग और टूर पैकेज से रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो सकती है, खासकर तब जब रेलवे नेटवर्क पर हाई स्पीड और प्रीमियम ट्रेनों की हिस्सेदारी बढ़ेगी। कंपनी पहले से हाई मार्जिन और मजबूत कैश फ्लो दिखा रही है, जिससे कैपेक्स–हैवी PSU की तुलना में बिजनेस मॉडल ज्यादा स्थिर और सर्विस–फोकस्ड नजर आता है।
किसको बजट से ज्यादा सीधा फायदा
रेलवे का बढ़ा हुआ कैपेक्स, नई लाइनें, डबलिंग और रोलिंग स्टॉक जैसे खर्चों से सीधा फायदा RVNL जैसे प्रोजेक्ट–आधारित PSU को मिलता है, क्योंकि इनका रेवेन्यू सीधे ऑर्डर बुक पर निर्भर होता है। दूसरी तरफ, पैसेंजर सुविधाओं, नई ट्रेनों और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीतियां IRCTC के लिए पॉजिटिव होती हैं, क्योंकि इससे टिकट बुकिंग, कैटरिंग और टूरिज्म सर्विसेज की मांग बढ़ती है। हाल की परफॉर्मेंस में दोनों स्टॉक्स ने शॉर्ट–टर्म प्रेशर देखा है, लेकिन सेक्टर में चल रही प्री–बजट रैली और स्थिर कैपेक्स आउटलुक की वजह से रेलवे PSU सेगमेंट पूरे तौर पर फोकस में बना हुआ है।
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