RVNL : बजट 2026-27 में रेलवे सेक्टर के लिए अनुमानित 2.76 लाख करोड़ रुपये के कैपेक्स की चर्चा तेज होते ही निवेशकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि RVNL या IRFC, किस शेयर से ज्यादा मोटी कमाई की संभावना बन सकती है। रेलवे मॉडर्नाइजेशन, वंदे भारत ट्रेनें, कवच सेफ्टी सिस्टम और स्टेशन री–डेवलपमेंट जैसे प्रोजेक्ट्स पर बड़े स्तर पर खर्च की तैयारी है, इसलिए एक तरफ प्रोजेक्ट बनाने वाली कंपनी RVNL फोकस में है, तो दूसरी तरफ इन्हीं प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने वाली IRFC पर भी बाजार की नजरें टिकी हुई हैं।
रेलवे में 2.76 लाख करोड़ निवेश की तैयारी
फिस्कल ईयर 2026-27 के लिए इंडियन रेलवे में लगभग 2.76 लाख करोड़ रुपये के कैपेक्स की उम्मीद जताई जा रही है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 12% ज्यादा माना जा रहा है। इस बजट का बड़ा हिस्सा ट्रैक क्षमता बढ़ाने, सुरक्षा सिस्टम, वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों पर खर्च किया जाना प्रस्तावित है।
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RVNL पर निवेश का असर
Rail Vikas Nigam Limited रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट जैसे नई लाइन, डबलिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन और स्टेशन री–डेवलपमेंट का बड़ा काम संभालती है। सितंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार कंपनी के पास लगभग 90,000 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक है, जो अगले कई सालों की कमाई की विजिबिलिटी दिखाती है। दिसंबर 2025 के आखिरी हफ्ते में RVNL का शेयर लगभग 388 रुपये के पास ट्रेड कर रहा है और कंपनी का मार्केट कैप करीब 80,800 करोड़ रुपये के ऊपर पहुंच चुका है।
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IRFC पर निवेश का असर
Indian Railway Finance Corporation रेलवे के लिए फंड जुटाने वाली प्रमुख नॉन–बैंकिंग फाइनेंस कंपनी है, जो बॉन्ड और लोन के जरिए कैपेक्स के लिए पैसा उपलब्ध कराती है। दिसंबर 2025 के अंत में IRFC के शेयर में भी 8–12% तक की तेजी देखी गई, जब किराया बढ़ोतरी और प्री–बजट थीम की वजह से रेलवे स्टॉक्स में जोरदार उछाल आया। स्थिर लीज मॉडल और रेलवे से लांग–टर्म एग्रीमेंट की वजह से कंपनी की आय अपेक्षाकृत स्थिर मानी जाती है।
हाल की तेजी और दोनों स्टॉक्स की चाल
दिसंबर 2025 के आखिरी हफ्ते में RVNL के शेयर में एक ही दिन में लगभग 12% उछाल देखा गया और भाव 345–392 रुपये के दायरे तक गया, जिससे एक सप्ताह की रिटर्न 20% से ऊपर पहुंची। इसी अवधि में IRFC, RVNL, RailTel और IRCTC जैसे कई रेलवे शेयरों में 8–12% तक उछाल आया, क्योंकि किराया बढ़ोतरी से लगभग 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सालाना कमाई का अनुमान लगाया गया।
किससे हो सकती है ज्यादा कमाई?
रिकॉर्ड 2.76 लाख करोड़ के संभावित कैपेक्स में ट्रैक विस्तार, स्टेशन मॉडर्नाइजेशन और वंदे भारत–कवच जैसी योजनाओं पर ज्यादा खर्च होने से प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन कंपनियां जैसे RVNL सीधे लाभ की स्थिति में दिखती हैं। दूसरी ओर, पूरे कैपेक्स की फाइनेंसिंग में IRFC की भूमिका भी मजबूत रहने की संभावना है, जिससे इसकी लोन बुक और ब्याज आय पर पॉजिटिव असर पड़ सकता है।
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते







