रेलवे सेक्टर के दो बड़े शेयर RVNL और IRFC पिछले कुछ महीनों से करेक्शन फेज में हैं, लेकिन दोनों की फंडामेंटल स्थिति मजबूत मानी जा रही है और बजट से पहले रिलीफ रैली की उम्मीद भी जताई जा रही है। फिलहाल तेजी कब और कितनी आएगी, यह काफी हद तक बजट, ऑर्डर फ्लो और रेटिंग/वैल्यूएशन पर निर्भर करेगा।
RVNL
आरवीएनएल की ऑर्डर बुक करीब 90,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जिसमें लेगेसी रेलवे प्रोजेक्ट्स और कॉम्पिटिटिव बिडिंग प्रोजेक्ट्स दोनों शामिल हैं। कंपनी ने 2025-26 के लिए 21,000–22,000 करोड़ रुपये के सालाना रेवेन्यू गाइडेंस को बरकरार रखा है, जो मीडियम टर्म में ग्रोथ की संभावना दिखाता है।
शेयर प्राइस की बात करें तो 17 दिसंबर 2025 को RVNL लगभग 307–308 रुपये के स्तर पर बंद हुआ, जो इसके साल के ऊपरी स्तर 500 रुपये के आसपास से काफी नीचे है और 52 वीक हाई से करीब 38–39 फीसदी की गिरावट दिखाता है। टेक्निकल एक्सपर्ट के अनुसार 340–330 रुपये के ऊपर टिकने पर ही मजबूत पुलबैक के संकेत बनेंगे, जबकि 292 रुपये के आसपास स्ट्रिक्ट स्टॉप लॉस बताई गई है।
Read More : Suzlon Energy के निवेशक अभी क्या करें? Buy, Sell, या Hold ? एक्सपर्ट ने खोला राज…
RVNL में तेजी कब तक संभव?
कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि H2 (खासकर Q3–Q4) में प्रोजेक्ट एक्सीक्यूशन तेज रहने की उम्मीद है, जिससे रेवेन्यू और ऑर्डर बुक की विजिबिलिटी बेहतर हो सकती है। साथ ही Vande Bharat ट्रेन मैन्युफैक्चरिंग, इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स और नए सेक्टरों (जैसे सोलर, O&M) में एंट्री से सेंटिमेंट पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
अगर बजट में रेलवे कैपेक्स को लेकर मजबूत एलान आते हैं, तो जनवरी–फरवरी 2026 के बीच रेलवे स्टॉक्स में रिलीफ रैली देखने की संभावना बाजार में पहले से प्राइस-इन होने लग सकती है, हालांकि फिलहाल चार्ट पर साफ ट्रेंड रिवर्सल नहीं दिख रहा है और एक्सपर्ट इंतजार व स्टॉप लॉस के साथ ही पॉजिशन रखने की सलाह दे रहे हैं
Read More : Upper circuit के दम पर मात्र 1 महीने में 80% का रिटर्न! भाव मात्र 0.90 पैसे, दिन रात भाग शेयर….
IRFC
आईआरएफसी एक फाइनेंस कंपनी है, जिसके पास लोन बुक मॉडल है और सालाना रेवेन्यू लगभग 27,000 करोड़ रुपये के आसपास है। इसका पीई मल्टीपल हाल में करीब 21 के लेवल पर आ गया है, जिसे कई एक्सपर्ट वैल्यू ज़ोन के तौर पर देख रहे हैं।economictimes.indiatimes+1
शेयर प्राइस 17 दिसंबर 2025 को लगभग 111 रुपये के आसपास बंद हुआ, जो इसके लगभग 160 रुपये के 52 वीक हाई से करीब 30–31 फीसदी नीचे है और कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार टेक्निकल चार्टिस्ट 100 रुपये तक और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं कर रहे।
IRFC में तेजी की संभावित टाइमिंग
टेक्निकली अभी IRFC में मजबूत सपोर्ट ज़ोन पर कंसॉलिडेशन चल रहा है, जहां फंडामेंटल वैल्यू तो दिखती है लेकिन चार्ट पर क्लीन ट्रेंड रिवर्सल नहीं बन पाया है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि शेयर में बड़ा करेक्शन हो चुका है और यहां से डाउनसाइड सीमित हो सकती है, लेकिन ताज़ा बाउंस बैक और वॉल्यूम कन्फर्मेशन के बिना आक्रामक नई खरीद से बचना बेहतर माना जा रहा है
रेलवे कैपेक्स, रेटिंग आउटलुक और सरकारी हिस्सेदारी में भविष्य की संभावित कमी जैसे फैक्टर अगर पॉजिटिव ट्रिगर देते हैं, तो 2026 की शुरुआत से मीडियम टर्म में दोबारा तेजी का फेज बन सकता है, पर अभी के लिए एक्सपर्ट होल्ड की रणनीति और टेक्निकल कन्फर्मेशन के बाद ही एवरेजिंग की बात कर रहे हैं
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।







