Reliance Communications : सितंबर 2025 तिमाही (Q2 FY 2025–26) में Reliance Communications की कुल आय लगभग ₹94 करोड़ रही, जो क्वार्टर‑ऑन‑क्वार्टर आधार पर करीब 3.3% की मामूली वृद्धि दिखाती है, जबकि सालाना आधार पर ग्रोथ लगभग शून्य रही। इसी तिमाही में कंपनी की कुल खर्च ₹180 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछली तिमाही और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में करीब 44% ज्यादा है, जिससे ऑपरेटिंग लेवल पर प्रेशर साफ दिखाई देता है
Reliance Communications नेट लॉस, मार्जिन और EPS की स्थिति
Q2 FY 2025–26 में कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स लगभग ₹-85 करोड़ रहा, जो Q1 FY 2025–26 के ₹-34 करोड़ और Q2 FY 2024–25 के ₹-29 करोड़ से काफी ज्यादा घाटा है, यानी करीब 150% QoQ और 193% YoY से लॉस बढ़ा है। टैक्स ज़ीरो रहने के बावजूद Profit After Tax लगभग ₹-2701 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछली तिमाही (₹-2560 करोड़) और पिछले साल की समान तिमाही (₹-2286 करोड़) से भी ज्यादा घाटा है, और EPS लगभग ₹-9.84 तक गिर गया है, जो कंपनी की बेहद कमजोर फाइनेंशियल हेल्थ को दिखाता है
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Reliance Communications डेट, डिफॉल्ट और इंसॉल्वेंसी स्टेटस
Reliance Communications पर 31 दिसंबर 2025 तक बैंकों और फाइनेंशियल संस्थानों के लोन और रिवॉल्विंग फैसिलिटीज पर कुल लगभग ₹28,826 करोड़ का डिफॉल्ट दर्ज है, जबकि कुल वित्तीय देनदारी (शॉर्ट‑टर्म और लॉन्ग‑टर्म डेट मिलाकर) लगभग ₹40,410 करोड़ तक बताई गई है। इसके अलावा, कंपनी ने लगभग ₹37,495 करोड़ का अनप्रोवाइडेड इंटरेस्ट बैंकों/फाइनेंशियल संस्थानों के लोन पर और करीब ₹3,677 करोड़ का इंटरेस्ट NCDs पर दिखाया है, जो अभी फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में शामिल नहीं है, और कंपनी 2019 से ही रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल द्वारा CIRP के तहत मैनेज हो रही है
Reliance Communications ऑर्डर बुक और बिज़नेस ऑपरेशंस
CIRP में होने और भारी डेट डिफॉल्ट के कारण कंपनी के पास फिलहाल कोई बड़ा सार्वजनिक रूप से घोषित टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर/सर्विसेज ऑर्डर बुक डेटा उपलब्ध नहीं है और हाल की फाइलिंग्स में भी नए प्रोजेक्ट या कैपेक्स प्लान की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। टेलीकॉम बिज़नेस का बड़ा हिस्सा पहले ही दूसरे समूहों/एंटिटीज़ के रिज़ॉल्यूशन प्लान के तहत रिऑर्गनाइज़ या ट्रांसफर होने की दिशा में है, जिससे कोर ऑपरेशनल रेवेन्यू की विज़िबिलिटी बहुत सीमित दिखाई देती है
टेक्निकल एनालिसिस: प्राइस मूवमेंट और वोलैटिलिटी
पिछले एक साल में RCOM का शेयर प्राइस लगभग ₹0.95 के लो से ₹1.95 के हाई तक रहा है, यानी रिटर्न्स बेहद वोलैटाइल और सर्किट‑टु‑सर्किट मूव्स पर निर्भर दिखाई देते हैं। 2024 में कई दिनों पर स्टॉक ने 4–5% की रोज़ाना चढ़त या गिरावट दिखाई, जैसे 8 अक्टूबर 2024 को प्राइस ₹2.35 से बढ़कर ₹2.46 गया और करीब 1.93 करोड़ शेयरों का वॉल्यूम दर्ज हुआ, जो ऑपरेटर‑ड्रिवन या सट्टेबाज़ी ट्रेडिंग की संभावना की ओर इशारा करता है
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Reliance Communications 2026–2035 शेयर प्राइस टारगेट
चूंकि Reliance Communications कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति अभी गंभीर रूप से कमजोर है, डेट पर भारी डिफॉल्ट है और CIRP के तहत रिज़ॉल्यूशन प्लान अभी भी कोर्ट और क्रेडिटर कमेटी के निर्णय पर निर्भर है, इसलिए अगले 10 साल (2026–2035) के लिए डेटा‑बेस्ड, विश्वसनीय फंडामेंटल टारगेट देना संभव नहीं है। किसी भी वैल्यूएशन मॉडल के लिए ज़रूरी पैरामीटर्स—जैसे स्थिर रेवेन्यू, EBITDA मार्जिन, कैश फ्लो, डेट‑रिडक्शन पाथ और बिज़नेस ग्रोथ गाइडेंस—फिलहाल कंपनी में उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए आगामी सालों के प्राइस लेवल केवल सट्टा या अनुमान ही होंगे जो डेटा‑सपोर्टेड नहीं माने जा सकते
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