Multibagger Return : टेलीकॉम इंफ्रा कंपनी का शेयर पिछले एक साल में निवेशकों को भारी नुकसान दे चुका है। एक साल पहले जहां स्टॉक 134.8 रुपये के आसपास 52 हफ्ते के हाई पर था, वहीं 5 दिसंबर 2025 को यह गिरकर करीब 69.03 रुपये पर बंद हुआ, यानी करीब 47–49 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। बीते छह महीने में भी शेयर में लगभग 23 फीसदी की कमजोरी दिखी है, जिससे ये स्टॉक अपने साल के निचले स्तर 67.45 रुपये के बेहद करीब ट्रेड कर रहा है।
HFCL को मिला बड़ा एक्सपोर्ट ऑर्डर
HFCL ने हाल ही में शेयर बाजार को जानकारी दी कि उसे एक बड़े इंटरनेशनल कस्टमर से ऑप्टिकल फाइबर केबल की सप्लाई के लिए नया एक्सपोर्ट ऑर्डर मिला है। इस ऑर्डर का साइज लगभग 72.96 मिलियन डॉलर यानी करीब 656.1 करोड़ रुपये है, जिसे कंपनी अपनी विदेश स्थित पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी के माध्यम से पूरा करेगी। यह ऑर्डर नवंबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाना है, जिससे कंपनी को अगले कई क्वार्टर्स तक रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी मिलेगी।
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शेयर प्राइस और मार्केट कैप की ताज़ा स्थिति
5 दिसंबर 2025 को एनएसई पर HFCL का क्लोजिंग प्राइस करीब 69.03 रुपये रहा, जबकि इंट्राडे में स्टॉक 67.45 रुपये तक फिसल गया जो 52 हफ्ते का लो है। कंपनी का मार्केट कैप फिलहाल लगभग 9,950–9,960 करोड़ रुपये के दायरे में है, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम स्तर दिखाता है। वॉल्यूम डेटा के मुताबिक हाल के सत्रों में 1.9 करोड़ से ज्यादा शेयरों में ट्रेडिंग हुई है, जो स्टॉक में एक्टिविटी बढ़ने का संकेत देती है।
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बड़े फंड की ताज़ा खरीदारी
नवंबर 2025 में कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड ने ओपन मार्केट के जरिए HFCL में लगभग 0.5 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। इसे लिए फंड ने करीब 74.9 लाख शेयर 78.45 रुपये प्रति शेयर के औसत भाव पर उठाए, जिसकी कुल डील वैल्यू लगभग 58.8 करोड़ रुपये रही। बड़ी म्यूचुअल फंड हाउस की यह खरीद दिखाती है कि लंबी अवधि के संस्थागत निवेशक कंपनी के बिजनेस और ऑर्डर बुक पर भरोसा जता रहे हैं।
ऑर्डर बुक और बिजनेस आउटलुक
HFCL पहले से ही भारत में फाइबर ऑप्टिक केबल, टेलीकॉम गियर और ब्रॉडबैंड प्रोजेक्ट्स में काम कर रही है, साथ ही सरकार की डिजिटल और ब्रॉडबैंड योजनाओं से भी कंपनी को लाभ मिलता रहा है। हाल के 656 करोड़ रुपये के एक्सपोर्ट ऑर्डर के साथ-साथ कंपनी ने पिछले महीनों में भी कई सौ करोड़ के फाइबर केबल और नेटवर्किंग प्रोजेक्ट्स के ऑर्डर हासिल किए हैं, जो इसके ऑर्डर बुक को मजबूत बनाते हैं। ऑप्टिकल फाइबर की ग्लोबल डिमांड और यूरोप सहित इंटरनेशनल मार्केट में कंपनी की बढ़ती मौजूदगी भविष्य की रेवेन्यू ग्रोथ के लिए अहम मानी जा रही है
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।







