बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) से जुड़ी इंफ्रा कंपनी बॉन्डाडा इंजीनियरिंग लिमिटेड को नए साल की शुरुआत में ही बड़ा ऑर्डर मिल गया है, जिसके बाद शेयर बाजार में इस स्टॉक पर तेजी देखी जा रही है। कंपनी को यह ऑर्डर आंध्र प्रदेश ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन (AP TRANSCO) से मिला है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग 627 करोड़ रुपये है
ऑर्डर का साइज और प्रोजेक्ट डिटेल
कंपनी को AP TRANSCO की तरफ से 225 मेगावॉट/450 मेगावॉट-घंटे क्षमता वाला स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) डेवलप करने के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) जारी हुआ है। यह प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में 400/220 केवी हिंदूपुर सबस्टेशन पर लगाया जाना है, जहां से राज्य की ग्रिड को स्टोरेज सपोर्ट मिलेगा। ऑर्डर वैल्यू 627,00,09,768 रुपये बताई गई है और इसे बिल्ड-ओन-ऑपरेट (BOO) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा, यानी कंपनी खुद इस एसेट को बनाकर लंबे समय तक ऑपरेट भी करेगी।
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टाइमलाइन, रेवेन्यू और ऑर्डर बुक
कंपनी के अनुसार इस प्रोजेक्ट को एलओए मिलने की तारीख से 18 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे FY27 के आसपास से इसके रेवेन्यू पर पूरा असर दिखना शुरू हो सकता है। इस डील के बाद बॉन्डाडा इंजीनियरिंग का कुल BESS पोर्टफोलियो लगभग 1 GWh के आसपास पहुंच गया है, जो कंपनी को भारत के एनर्जी स्टोरेज इकोसिस्टम में उभरता हुआ खिलाड़ी बनाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक करीब 5,989 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच चुकी है, जिसमें EPC और O&M दोनों तरह के कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं।
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शेयर प्राइस, हाल की तेजी और वैल्यूएशन
LOA की खबर के बाद बॉन्डाडा इंजीनियरिंग का शेयर आज ट्रेडिंग सेशन में करीब 4 प्रतिशत तक उछल गया और स्टॉक पर खरीदारी बढ़ती दिखी। हाल के डेटा के मुताबिक पिछले एक साल में इस शेयर ने 330 रुपये के 52‑वीक लो से लगभग 630 रुपये के 52‑वीक हाई तक का सफर किया है, यानी स्टॉक ने अच्छे अपसाइड मूव दिखाए हैं। ताज़ा रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि अभी शेयर अपने 52‑वीक हाई से करीब 40–42 प्रतिशत नीचे के जोन में ट्रेड कर रहा है, जिस वजह से ऑर्डर न्यूज़ के बाद इसमें तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
BESS सेक्टर में कंपनी की पोजीशन
भारत में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का मार्केट रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रिड स्टेबिलिटी की जरूरतों की वजह से तेज़ी से बढ़ रहा है, जहाँ बड़े प्रोजेक्ट्स सोलर और विंड से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को स्टोर करने के लिए लगाए जा रहे हैं। इस 225 MW/450 MWh प्रोजेक्ट के बाद बॉन्डाडा इंजीनियरिंग की BESS कैपेसिटी और ऑर्डर बुक दोनों मजबूत होगी, जिससे कंपनी को लंबी अवधि का ए뉴टी बेस्ड रेवेन्यू और कैश फ्लो विजिबिलिटी मिलने की संभावना बढ़ती है। कंपनी का मानना है कि यह ऑर्डर न सिर्फ फाइनेंशियल प्रोफाइल को सपोर्ट करेगा बल्कि ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में उसकी ब्रांड पोजीशन को भी और मजबूत बनाएगा।
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