Budget 2026 के बाद इन शेयरों में तूफानी तेजी के संकेत! कंपनियों को होगा सीधा फायदा, होगी मोटी कमाई

Union Budget 2026 से पहले इंफ्रा सेक्टर में बड़ी कैपेक्स घोषणाओं और प्रोजेक्ट पाइपलाइन की वजह से NCC, HG Infra और IRB Infra जैसे शेयरों में तेज़ी की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं। यह कंपनियां पहले से ही भारी ऑर्डर बुक और स्थिर मार्जिन के साथ अगले 2–3 साल के लिए मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी रखती हैं।

Budget 2026 से पहले इंफ्रा थीम की ताकत

सरकार लगातार नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेलवे और शहरी विकास पर कैपेक्स बढ़ा रही है, जिससे कंस्ट्रक्शन और रोड डेवलपर्स कंपनियों के लिए लंबी अवधि का काम सुनिश्चित हो रहा है। 2026 के बजट में भी मार्केट को उम्मीद है कि सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर पर खर्च में और बढ़ोतरी होगी, जिससे पहले से मौजूद बड़े ऑर्डर बुक वाले प्लेयर्स को सीधा फायदा मिल सकता है।​

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NCC Ltd: मजबूत डाइवर्सिफाइड ऑर्डर बुक

NCC के पास सितंबर 2025 तक लगभग ₹64,326 करोड़ की मजबूत और डाइवर्सिफाइड ऑर्डर बुक है, जो FY25 की रेवेन्यू का करीब 3.35 गुना है और आने वाले कई सालों की कमाई को सपोर्ट करती है। दिसंबर 2025 में ही कंपनी ने लगभग ₹1,237 करोड़ के नए ऑर्डर जीते हैं, जिनमें बिल्डिंग और ट्रांसपोर्टेशन डिवीजन दोनों शामिल हैं, जिससे कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी और कैश फ्लो की पोजिशन मजबूत बनी हुई है।

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HG Infra Engineering: हाई बुक टू बिल और नए सेगमेंट

HG Infra की ऑर्डर बुक मार्च 2025 तक लगभग ₹15,281 करोड़ (₹152.8 बिलियन) रही, जो 2.5x बुक टू बिल रेशियो के साथ आने वाले दो साल के लिए रेवेन्यू विजिबिलिटी देती है। कंपनी की ऑर्डर बुक में करीब 68% योगदान रोड प्रोजेक्ट्स का है, जबकि बाकी हिस्सा रेलवे, मेट्रो, सोलर और बैटरी स्टोरेज जैसे नए हाई ग्रोथ सेगमेंट से आता है, जिससे बजट में ग्रीन और ट्रांसपोर्ट इंफ्रा पर फोकस बढ़ने का सीधा लाभ मिल सकता है।

IRB Infrastructure: BOT मॉडल और टोल रेवेन्यू की मजबूती

IRB Infra की कुल ऑर्डर बुक लगभग ₹31,000–32,000 करोड़ के आसपास है, जिसमें EPC और O&M का मिलाकर करीब ₹5,000–6,200 करोड़ का executable ऑर्डर अगले दो साल में रेवेन्यू को सपोर्ट करेगा। कंपनी का बिज़नेस मॉडल मुख्य रूप से BOT और टोल आधारित प्रोजेक्ट्स पर टिका है, जहां लम्बी अवधि तक स्थिर टोल इनकम और नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स (जैसे गंगा एक्सप्रेसवे) से ट्रैफिक बढ़ने की उम्मीद इसे बजट के बाद तेज़ी के दावेदारों में रखती है।

Valuation और लंबी अवधि की ग्रोथ की संभावना

इन तीनों कंपनियों की खासियत यह है कि एक तरफ इनकी ऑर्डर बुक मजबूत है, वहीं दूसरी तरफ इनका फोकस समय पर प्रोजेक्ट execution और स्थिर ऑपरेटिंग मार्जिन पर है, जिससे कैश फ्लो और बैलेंस शीट पर दबाव सीमित रहता है। अगर Budget 2026 में सड़क, रेलवे, मेट्रो, सोलर और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर पर अनुमानित कैपेक्स बढ़ोतरी आती है तो पहले से तैयार मजबूत ऑर्डर बुक और बिडिंग पाइपलाइन वाली ये कंपनियां मीडियम से लॉन्ग टर्म में तेज रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ दिखा सकती हैं, जो शेयर प्राइस में तूफानी तेजी की जमीन तैयार कर सकता है।

Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।

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