मुंबई में फ्लाईओवर का 1800 करोड़ का बड़ा ठेका मिलने के बाद GPT Infra प्रोजेक्ट्स के शेयरों में जोरदार तेजी दिखी है। यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी की ऑर्डर बुक और भविष्य की ग्रोथ दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1800 करोड़ के फ्लाईओवर प्रोजेक्ट की डील
GPT Infra प्रोजेक्ट्स को म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ ग्रेटर मुंबई (MCGM) से 1,804 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। यह प्रोजेक्ट मुंबई के पूर्वी उपनगरों में LBS मार्ग पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए दिया गया है। यह फ्लाईओवर कल्पना टॉकीज, कुर्ला (एल वार्ड) को पंखे शाह दरगाह, घाटकोपर वेस्ट (एन वार्ड) से जोड़ेगा, जिससे ट्रैफिक दबाव कम होने की उम्मीद है
Read More : कंपनी कर्ज मुक्त होते ही शेयर पर टूट पड़े FIIs ! 10% से अधिक बढ़ाई हिस्सेदारी, मुनाफा में भी तुफानी उछाल…..
प्रोजेक्ट की समयसीमा और स्ट्रक्चर
कंपनी को यह प्रोजेक्ट 36 महीनों में पूरा करना है, जिसमें मानसून के महीने शामिल नहीं होंगे। यह ठेका जॉइंट वेंचर के रूप में दिया गया है, जिसमें GPT इंफ्राप्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है, जो लगभग 469.16 करोड़ रुपये के ऑर्डर वैल्यू के बराबर बैठती है। कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में साफ किया है कि प्रमोटर ग्रुप का MCGM में कोई हित नहीं है
Read More : सरकारी आर्डर के दम पर मालामाल करेगा Solar sector ये शेयर! आर्डर बुक हुआ फुल, तगड़ी कमाई का मौका….
शेयर कीमत में उछाल
ठेका घोषित होने के बाद शुक्रवार, 19 दिसंबर को BSE पर GPT Infra के शेयर intraday में 13.3 प्रतिशत उछलकर 121.30 रुपये के हाई तक पहुंच गए। हालांकि पिछले एक साल में शेयर लगभग 24 प्रतिशत तक गिरा था, लेकिन पिछले 5 सालों में इसमें 1,000 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न मिल चुका है, जो लंबे समय के निवेशकों के लिए मजबूत रिटर्न दिखाता है
हाल के कॉन्ट्रैक्ट और ऑर्डर बुक
यह GPT Infra का लगातार दूसरा बड़ा ऑर्डर है, इससे पहले पिछले हफ्ते इसे साउथ ईस्टर्न रेलवे से 54 करोड़ रुपये का ठेका मिला था। इस रेलवे कॉन्ट्रैक्ट में रांची और खड़गपुर डिवीजन के लिए 1,42,400 कंक्रीट स्लीपर बनाने और सप्लाई करने का काम शामिल है, जिसे 24 महीनों में पूरा किया जाएगा। फिलहाल कंपनी की कुल ऑर्डर बुक लगभग 3,591 करोड़ रुपये की है, जो इसके FY25 राजस्व का करीब तीन गुना मानी जा रही है
GPT Infra का वित्तीय प्रदर्शन
Q2 FY26 में कंपनी की EBITDA 42.6 करोड़ रुपये रही, जो साल-दर-साल आधार पर करीब 27.9 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाती है। इसी तिमाही में कर के बाद लाभ (PAT) 21.8 करोड़ रुपये रहा, जो 23.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी की तरफ इशारा करता है। प्रबंधन का मानना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, बेहतर मार्जिन और कैश फ्लो के दम पर पूरे साल में 20 प्रतिशत से ज्यादा ग्रोथ हासिल की जा सकती है।
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।







