PSU Defense कंपनी इस समय भारतीय डिफेंस सेक्टर की सबसे अहम मिसाइल मैन्युफैक्चरिंग PSU कंपनियों में से एक है, जिसकी तेजी से बढ़ती ऑर्डर बुक और एक्सपोर्ट ग्रोथ इसे अगले कुछ सालों के लिए मजबूत प्ले बनाती है। कंपनी भारत में सरफेस-टू-एयर मिसाइल, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, टॉरपीडो और दूसरे प्रिसिजन वेपन सिस्टम बनाती है।
PSU Defense ऑर्डर बुक ने पार किया 23,000 करोड़ का आंकड़ा
BDL की ऑर्डर बुक अगस्त 2025 तक लगभग ₹23,029 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जिसमें नए ऑर्डर के रूप में करीब ₹1,895 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट हाल ही में जोड़े गए हैं। मार्च 2025 के अंत में भी कंपनी के पास ₹22,814 करोड़ की मजबूत ऑर्डर बुक थी, जो लंबे समय तक रेवेन्यू की विजिबिलिटी दिखाती है। इसके अलावा 1 दिसंबर को इंडियन आर्मी से लगभग ₹2,461 करोड़ का नया ऑर्डर ATGM और SAM सिस्टम के लिए मिला, जिससे फ्यूचर पाइपलाइन और मजबूत हुई है।
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जबरदस्त रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ
FY26 की दूसरी तिमाही में BDL का रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 110–114% की तेजी के साथ ₹1,147 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹545 करोड़ से कहीं ज्यादा है। इसी तिमाही में नेट प्रॉफिट भी करीब 75–76% बढ़कर ₹216 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि पिछली साल इसी तिमाही में यह लगभग ₹123 करोड़ था। कंपनी का EBITDA लगभग ₹188–190 करोड़ के आसपास रहा और मार्जिन 16% से थोड़ा ज्यादा स्तर पर बना रहा।
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एक्सपोर्ट में 689% की छलांग
BDL के लिए सबसे बड़ा गेमचेंजर इसका एक्सपोर्ट बिजनेस बन रहा है, जहां FY25 में एक्सपोर्ट टर्नओवर 689% की तेजी के साथ ₹161 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹1,270 करोड़ हो गया। आर्मेनिया जैसे देशों को Akash वेपन सिस्टम और टॉरपीडो जैसे हाई-वैल्यू प्रोडक्ट की सप्लाई ने भारत को ग्लोबल डिफेंस एक्सपोर्ट मार्केट में बेहतर पोजिशन दिया है। कंपनी का लक्ष्य आगे चलकर कुल रेवेन्यू का करीब 25% हिस्सा एक्सपोर्ट से लाने का है।
टेक्नोलॉजी और डेब्ट-फ्री बैलेंस शीट
पहले जहां BDL की भूमिका सिर्फ DRDO के डिजाइन पर मिसाइल असेंबल करने तक सीमित थी, वहीं अब कंपनी प्रॉपल्शन यूनिट, गाइडेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, कंट्रोल लॉजिक और सबसिस्टम खुद डिजाइन और डेवलप कर रही है। मॉड्यूलर टेक्नोलॉजी की वजह से एक ही तरह के पार्ट अलग-अलग मिसाइल सिस्टम में इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जिससे प्रोडक्शन तेज, सस्ता और भरोसेमंद बनता है। कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त है, लगातार प्रॉफिट कमा रही है और पिछले तीन सालों में इसके शेयर ने करीब 44% का CAGR रिटर्न दिया है
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