Arvee Laboratories (India) Ltd के शेयर ने हाल के कुछ दिनों में तेज तेजी दिखाई है और कम समय में निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। यह तेजी ऐसे समय पर दिखी है जब कंपनी के हालिया नतीजों में दबाव देखने को मिला है।
शेयर भाव में हाल की तेजी
एनएसई पर Arvee Laboratories का शेयर 2 दिसंबर 2025 को लगभग 158–165 रुपये के दायरे में बंद हुआ था, जबकि 5 दिसंबर 2025 तक यह करीब 197–198 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। 6 दिसंबर और उसके बाद के सत्रों में शेयर 200 रुपये से ऊपर निकलकर लगभग 225–230 रुपये के पास ट्रेड होते दिखा, जिससे करीब 5 ट्रेडिंग सेशंस में कुल मिलाकर लगभग 40–45 प्रतिशत तक की तेजी बन गई। 5 दिसंबर को स्टॉक में एक दिन में करीब 20 प्रतिशत के आसपास उछाल दर्ज हुआ, जो तेज शॉर्ट टर्म रैली को दिखाता है।
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Arvee Laboratories 52‑वीक हाई
नवीनतम उपलब्ध डेटा के अनुसार, Arvee Laboratories का 52‑वीक हाई लगभग 232.99 रुपये और 52‑वीक लो करीब 126.54 रुपये के आसपास है। यानी मौजूदा स्तर 52‑वीक हाई के बेहद करीब हैं और लो से काफी ऊपर ट्रेड हो रहे हैं। कुछ प्लेटफॉर्म्स के हिसाब से कंपनी का मार्केट कैप लगभग 175–180 करोड़ रुपये के दायरे में दिखाई देता है, जिससे यह स्मॉल‑कैप के निचले छोर पर आने वाली केमिकल कंपनी बनती है।
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Arvee Laboratories का बिज़नेस
Arvee Laboratories (India) Ltd अहमदाबाद‑आधारित स्पेशलिटी केमिकल और इंटरमीडिएट्स बनाने वाली कंपनी है, जो अलग‑अलग इंडस्ट्रियल और फार्मा से जुड़े प्रोडक्ट सेगमेंट में काम करती है। कंपनी के उत्पाद मुख्यतः एक्सपोर्ट और डोमेस्टिक दोनों बाजारों में सप्लाई किए जाते हैं और इसे स्पेशलिटी केमिकल थीम से जोड़ा जाता है। स्मॉल‑कैप होने की वजह से इसमें वॉल्यूम कम होने पर भी प्राइस मूवमेंट काफी तेज हो सकता है।
ताजा नतीजे
सितंबर 2025 में खत्म तिमाही (Q2 FY26) के लिए कंपनी की रेवेन्यू लगभग 3.45 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी तिमाही की तुलना में करीब 70–72 प्रतिशत की गिरावट दिखाती है। इसी अवधि में नेट प्रॉफिट लगभग 0.01 करोड़ रुपये के आसपास रहा, जो पिछले साल के करीब 0.98 करोड़ रुपये के मुकाबले भारी गिरावट है। रिपोर्ट के अनुसार EBITDA भी दबाव में रहा है और मार्जिन में तेज गिरावट दिखी है, जिससे ऑपरेशनल स्तर पर मुश्किलें साफ नजर आती हैं।
तेज रैली के बावजूद रिसेंट ट्रेंड
हाल के दिनों में कमजोर नतीजों के बावजूद शेयर में तेजी मुख्य रूप से प्राइस‑मोमेंटम, कम फ्लोट और ट्रेडिंग इंट्रेस्ट बढ़ने की वजह से देखने को मिली है। 5 दिन में करीब 40–45 प्रतिशत की रैली और 52‑वीक हाई के पास ट्रेडिंग यह दिखाती है कि स्टॉक इस समय हाई वोलैटिलिटी फेज में है। ऐसी स्थिति में अक्सर न्यूज़‑फ्लो, टेक्निकल लेवल और वॉल्यूम डेटा से शॉर्ट टर्म मूवमेंट तेज बनते‑बिगड़ते रहते हैं।
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।







