Railway Stock: भारतीय रेलवे अभी 164 वंदे भारत ट्रेन सेवाएं चला रहा है, जो 82 रूट पर ऑपरेट होती हैं और लगभग 274 जिलों को जोड़ती हैं। रेलवे का लक्ष्य 2030 तक 800 और 2047 तक करीब 4,500 वंदे भारत ट्रेनसेट तैयार और पटरी पर उतारने का है, जिसे पैसेंजर रेल मॉडर्नाइजेशन का मुख्य स्तंभ माना जा रहा है। इस विस्तार से न सिर्फ रफ़्तार और कनेक्टिविटी बढ़ेगी, बल्कि कोच, इंजन, बोगी फ्रेम और फोर्जिंग बनाने वाली कई घरेलू कंपनियों को दीर्घकालिक ऑर्डर मिलने की संभावना बनती है
किन रेलवे स्टॉक्स पर नजर है?
वंदे भारत प्रोजेक्ट से जिन कंपनियों के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, उनमें BEML, BHEL, Titagarh Rail Systems, Ramkrishna Forgings और RVNL जैसे शेयर शामिल हैं। BEML मेट्रो और कोच मैन्युफैक्चरिंग में पहले से सक्रिय है, जबकि Titagarh Rail Systems कोच और वैगन सेगमेंट में मजबूत प्लेयर मानी जाती है। Ramkrishna Forgings और अन्य इंजीनियरिंग कंपनियां एक्सल, व्हील और हैवी फोर्ज्ड पार्ट्स सप्लाई करके इस पूरे इकोसिस्टम में अहम भूमिका निभाती हैं
हाल का डेटा और ऑर्डर बुक की स्थिति
2025 तक के डेटा के अनुसार, कई रेलवे कंपनियों की ऑर्डर बुक मजबूत बनी हुई है और सरकार लगातार कैपेक्स बढ़ा रही है। उदाहरण के लिए BEML की ऑर्डर बुक 2025 में लगभग 10,377 करोड़ रुपये के आसपास बताई गई, जो रेल, मेट्रो और डिफेंस प्रोजेक्ट से जुड़ी मांग को दिखाती है। जून 2025 तक रेल सेक्टर में कुछ शेयरों ने वोलैटिलिटी दिखाई, लेकिन BEML जैसे स्टॉक्स ने साल की शुरुआत से करीब 7–8 प्रतिशत तक रिटर्न दिए थे
निवेश से जुड़े जोखिम और बातें
रेलवे और वंदे भारत से जुड़े स्टॉक्स पूरी तरह सरकारी नीतियों, बजट अलोकेशन और प्रोजेक्ट टाइमलाइन पर निर्भर रहते हैं, इसलिए इनमें उतार–चढ़ाव तेज हो सकता है। कई कंपनियों के शेयर ने 2025 में शॉर्ट टर्म में गिरावट भी दिखाई, जबकि लंबी अवधि में एनालिस्ट्स ने अच्छा ग्रोथ ट्रैजेक्टरी बताया है। किसी भी स्टॉक में एंट्री से पहले कंपनी की वैल्यूएशन, कर्ज का स्तर, ऑर्डर बुक, मार्जिन और रेलवे CAPEX की ताज़ा घोषणाओं को चेक करना ज़रूरी है ताकि फैसला केवल थीम नहीं बल्कि ठोस वित्तीय डेटा के आधार पर लिया जा सके।
Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।







