Budget 2026: कंटेनर सेक्टर को ₹15,000 करोड़ का बूस्टर! इन 5 कंपनियों पर लगाए निशाना.

Budget 2026 में सरकार ने घरेलू कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए करीब ₹10,000 करोड़ की नई स्कीम की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य भारत को कंटेनर के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और लॉजिस्टिक्स लागत कम करना है। इस स्कीम के तहत अगले पांच साल में देश में ग्लोबली कम्पटीटिव कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करने की योजना है

योजना का मुख्य फोकस और आंकड़े

इस स्कीम का उद्देश्य कंटेनर आयात पर निर्भरता घटाकर घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाना है, ताकि बंदरगाहों, रेल और सड़क मार्ग से बढ़ते कार्गो के लिए पर्याप्त कंटेनर उपलब्ध हो सकें। सरकार ने बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेक्स को बढ़ाकर लगभग ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है, जिससे पोर्ट, रोड और रेल प्रोजेक्ट्स में कार्गो मूवमेंट बढ़ने की संभावना है और कंटेनर की मांग तेज हो सकती है। वर्तमान में अनुमान है कि भारत सालाना लगभग 30,000 कंटेनर यूनिट बनाने की क्षमता रखता है, जबकि चीन की क्षमता लगभग 60 लाख यूनिट सालाना है, ऐसे में यह स्कीम क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है

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Container कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR)

Container Corporation of India देश की प्रमुख Container लॉजिस्टिक्स कंपनी है, जो रेल और सड़क के जरिए कंटेनर ट्रांसपोर्ट, वेयरहाउसिंग और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सेवाएं देती है। बजट 2026 के बाद कंटेनर डिमांड और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ने से कंपनी के EXIM और डोमेस्टिक कंटेनर ट्रैफिक में ग्रोथ की संभावना मानी जा रही है

कल्याणी कास्ट-टेक लिमिटेड

Kalyani Cast‑Tech कार्गो और स्पेशल कंटेनर जैसे ड्वार्फ, डबल‑स्टैक और कस्टमाइज्ड कंटेनर बनाती है और रेलवे तथा इंडस्ट्रियल क्लाइंट्स को सप्लाई करती है। बजट में नई स्कीम के बाद कंपनी के लिए ऑर्डर बुक बढ़ने और हाई वैल्यू स्पेशल कंटेनरों की मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL)

BHEL ने हाल के वर्षों में ISO शिपिंग कंटेनर और अन्य हेवी फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिससे उसके पास कंटेनर प्रोजेक्ट्स में भागीदारी की तकनीकी क्षमता मौजूद है। बजट 2026 की स्कीम के तहत यदि बड़े सरकारी या PSU ऑर्डर निकलते हैं तो कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं का उपयोग कंटेनर निर्माण में कर सकती है

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड

Mazagon Dock Shipbuilders आम तौर पर डिफेंस शिप्स और सबमरीन बनाने के लिए जाना जाता है, लेकिन कंपनी ने हेवी स्टील स्ट्रक्चर और मॉड्यूलर फैब्रिकेशन की क्षमता के आधार पर कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में भी रुचि दिखाई है। सरकार की नई स्कीम के तहत यदि पोर्ट और शिपिंग से जुड़े कंटेनर प्रोजेक्ट्स आते हैं तो कंपनी को अतिरिक्त ऑर्डर और क्षमता उपयोग बढ़ने का फायदा मिल सकता है

अन्य संभावित लाभार्थी कंपनियां

कंटेनर के लिए स्टील और संरचनात्मक सामग्री सप्लाई करने वाली कंपनियां जैसे Tata Steel और Jindal Steel & Power भी अप्रत्यक्ष रूप से इस स्कीम से लाभ ले सकती हैं, क्योंकि कंटेनर उत्पादन में स्टील की खपत बढ़ेगी। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स और पोर्ट ऑपरेटर कंपनियों के लिए भी कंटेनर की उपलब्धता बढ़ने से टर्नअराउंड टाइम बेहतर होने की संभावना है, जिससे उनकी ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर सकारात्मक असर पड़ सकता है

Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।

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