2 महीने पहले NSE पर लिस्ट हुआ शेयर पिछले 5 दिनों में 24% भागा! भाव मात्र ₹0.77 पैसे….

पिछले कुछ दिनों से पैनी सेगमेंट में तेज हलचल दिखा रहा है। NSE पर यह शेयर अभी करीब ₹0.77 के आसपास ट्रेड कर रहा है और बीते 5 ट्रेडिंग सेशंस में इसमें लगभग 20–25% तक की तेजी दर्ज की गई है, जिससे लो प्राइस स्टॉक्स में दिलचस्पी रखने वाले निवेशकों का ध्यान इस पर गया है​

Auri Grow India

Auri Grow India Ltd पहले Godha Cabcon & Insulation Ltd नाम से जानी जाती थी और यह केबल व इलेक्ट्रिकल्स इंडस्ट्री से जुड़ा कारोबार करती है। कंपनी के शेयर की लिस्टिंग 11 मई 2018 को NSE SME प्लेटफॉर्म पर हुई थी, बाद में इसे रेगुलर कैटेगरी में शिफ्ट किया गया। कंपनी का रजिस्ट्रेशन केबल, कंडक्टर और इंसुलेशन प्रोडक्ट्स के मैन्युफैक्चरिंग व सप्लाई से जुड़ा है, जो पावर और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट के लिए जरूरी होते हैं।

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शेयर प्राइस मूवमेंट और 52‑वीक रेंज

ताजा डेटा के अनुसार Auri Grow India का 52‑वीक हाई लगभग ₹1.41 और 52‑वीक लो करीब ₹0.45 के स्तर पर रहा है। मौजूदा भाव लगभग ₹0.77 के आसपास है, यानी शेयर अभी अपने 1‑साल के हाई से नीचे और लो से ऊपर के मिड‑रेंज जोन में ट्रेड कर रहा है। पिछले एक साल में इस स्टॉक ने लगभग माइनस 30–35% के आसपास रिटर्न दिया है, यानी लॉन्ग टर्म में अभी भी यह रिटर्न के मामले में पीछे चल रहा है, लेकिन हाल के दिनों में शॉर्ट टर्म में तेज रिबाउंड दिखा है।

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मार्केट कैप, वैल्यूएशन

Auri Grow India का मार्केट कैप लेटेस्ट डाटा के अनुसार लगभग ₹100–110 करोड़ के बीच दिखाई दे रहा है, जिससे यह माइक्रो‑कैप कैटेगरी में आता है। कंपनी का प्राइस‑टू‑अर्निंग (PE) रेशियो करीब 17–18 के आसपास और प्राइस‑टू‑बुक (PB) रेशियो लगभग 0.65–0.70 के बीच है, यानी शेयर अभी बुक वैल्यू के मुकाबले डिस्काउंट पर ट्रेड हो रहा है। सितंबर 2025 की तिमाही में कंपनी की सेल्स लगभग ₹8 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹83.03 करोड़ के मुकाबले करीब 90% से ज्यादा गिरावट दिखाती है, और इस तिमाही में कंपनी को लगभग ₹0.29 करोड़ का नेट लॉस दर्ज हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में लगभग ₹0.70 करोड़ का नेट प्रॉफिट था।

रिस्क फैक्टर

लेटेस्ट कॉरपोरेट अपडेट्स के मुताबिक कंपनी बोर्ड की कुछ मीटिंग्स हाल के महीनों में हुई हैं, जिनमें बिजनेस स्ट्रेटजी और अन्य कॉरपोरेट मामलों पर चर्चा की गई है, हालांकि बड़े एक्सपैंशन या मेगा ऑर्डर जैसी कोई बहुत बड़ी घोषणा फिलहाल सामने नहीं आई है। कमजोर हालिया नतीजे, लो प्राइस और माइक्रो‑कैप साइज की वजह से इस शेयर में वोलैटिलिटी काफी ज्यादा है और प्राइस में तेज उछाल या गिरावट दोनों की संभावनाएं बनी रहती हैं, इसलिए ऐसे स्टॉक्स में ट्रेडिंग आमतौर पर हाई रिस्क कैटेगरी में मानी जाती है।

Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।

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